Tuesday, April 2, 2024
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खसरा नंबर क्या होता है। (What is Khasra Number)

खसरा संख्या

जब भी आप जमीन खरीदने या बेचने गए होगें तो आपको एक नंबर बार बार सुनने को मिलता है खसरा नंबर। जमीन के सभी छोटे -छोटे टुकड़े को एक यूनिक नम्बर दिया जाता है जिसे शहरों में प्लाट नंबर या सर्वे नंबर तथा गाँवों में खसरा नंबर कहते है। यह एक प्रकार का जमीन का पहचान होता  है।  भूमि की पहचान संख्या, खसरा संख्या है।

खसरा संख्या या नम्बर क्या होता है? (Khasra Number)-

खेतों का क्रमबद्ध नम्बर को ही खेसरा नंबर कहते है। जो नक्शा में नम्बर डाला गया होता है उसे खेसरा नं. या प्लाट नम्बर कहते है। जमीन के रिकॉर्ड के रुप में खसरा नंबर उपयोग किया जाता है। खसरा एक ईरानी शब्द है, और ऐ शब्द मुगलो के द्वारा दिया गया है।

खसरा नम्बर आपके जमीन के दस्तावेज में दर्ज होता है। खसरा नम्बर के द्वारा आपके जमीन की सारी जानकारी मिल जाती है। जैसे जमीन का मालिकाना हक कौन है, कितना जमीन की क्षेत्रफल है, आदि। इस नम्बर की सहायता से आप अपने जमीन की लगातार नजर रख सकते है। खेसरा नंबर एक तरह से जमीन का पहचान के रुप में प्रयोग किया जाता है।  

आप खसरा नंबर की सहायता से अपने भूमि का विवरण ऑनलाइन सरकारी वेबसाइट bhulekh पर जाकर  जानकारी प्राप्त कर सकते है।

जब किसी के खेत काे बेचा जाता है या कानूनी बटवारा कराया जाता है तो उसका खसरा नम्बर भी बदल जाता है। जैसे मानलिजिए आपके खेत का खसरा नम्बर 105 है। तो जब बटवारा होगा तो उस समय आपका खसरा नम्बर 105(क) तथा 105(ख) के रुप में बदल दिया जाता है।

खसरा नंबर प्राप्त होने के लाभ-

खसरा नंबर से आप अपने भूमि की पिछले पच्चास साल तक की जानकारी प्राप्त कर सकते है। इससे आपको निम्न लाभ होते है जो मै आपको बताने जा रहा हुँ।

  1. अगर आपको अपना भूमि का खसरा नंबर पता है तो आप अपने खेत की जानकारी जल्दी ही मिल जाएगी।
  2. खसरा के रिकार्ड में भूमि के मालिक का नाम और कितना क्षेत्रफल है यह जानकारी होती है।
  3. खसरा नंबर के रिकार्ड में किस प्रकार की भूमि या मिट्टी का गुणवत्ता है इसकी जानकारी होती है।
  4. इसकी सहायता से भूमि के लोन या पट्टों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। 
  5. हर प्लाट का अपना एक खसरा नंबर होता है जिसको राजस्व विभाग के बेवसाइट पर जाकर खसरा नंबर को डालते है तो उस जमीन की सभी नवीनतम जानकारी खुल कर आ जाती है। 
  6. खसरा नंबर की सहायता से आप अपने खतौनी निकाल कर अपने भूमि का पूरा विवरण देख सकते है।
  7. समय – समय पर अपने खेसरा नंबर की सहायता से अपने भूमि का विवरण  निकालते रहना चाहिए, जिससे आपके भूमि का किसी प्रकार का धोखाधड़ी न हो सके।
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